Madhuri Dixit Biography in Hindi |माधुरी दीक्षित बायोग्राफी

Madhuri Dixit Biography in Hindi

Madhuri Dixit Biography in Hindi



त्वरित तथ्य (quick Facts)


जन्मदिन: 15 मई, 1967


पिता का नाम : शंकर दीक्षित


माता का नाम स्नेहलता दीक्षित


जीवनसाथी (पति): श्री राम माधव नेने


जन्म स्थान: मुंबई, महाराष्ट्र


राष्ट्रीयता: भारतीय


परिचय (introduction)


इस लेख में Madhuri Dixit Biography in Hindi (माधुरी दीक्षित की बायोग्राफी) के बारे में विस्तार से लिखा गया है, माधुरी दीक्षित अस्सी के दशक की सभी प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेत्रियों में शीर्ष पर थीं। वह न केवल एक अभिनेत्री थीं, बल्कि एक कुशल कोरियोग्राफर, एक निर्माता भी थीं। वह उस समय की सबसे खूबसूरत अभिनेत्रियों में से एक भी थीं।


बचपन का जीवन (Childhood Life)


बॉलीवुड की इस अभिनेत्री का जन्म 15 मई, 1967 को हुआ था। उनका जन्म महाराष्ट्र के एक प्रतिष्ठित ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम शंकर दीक्षित और माता का नाम स्नेहलता दीक्षित था।


पढाई करना (study)


माधुरी ने प्रारंभिक जीवन की पढ़ाई मुंबई के चाइल्ड हाई स्कूल से की। इसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए मुंबई विश्वविद्यालय में दाखिला लिया। उसका विषय सूक्ष्म जीव विज्ञान था। प्रारंभिक जीवन में वह माइक्रोबायोलॉजिस्ट बनना चाहती थीं, लेकिन कोरियोग्राफी में उनकी विशेष रुचि थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने डांस कोरियोग्राफर के तौर पर काम किया।


विवाहित जीवन (Married life)


उनकी और संजय दत्त की लव स्टोरी से तो सभी वाकिफ हैं। सुनने में आया है कि फिल्म 'साजन' में काम करने के दौरान दोनों के बीच प्यार हो गया था। लेकिन जल्द ही इस बात को लेकर खलबली मच गई। फिर 17 अक्टूबर 1999 को माधुरी ने सर्जन माधव निनी से शादी कर ली। 2003 में, उनके पहले बच्चे, आरिन का जन्म हुआ, और 2005 में, उनके दूसरे बच्चे, रयान का जन्म हुआ।


अभिनय जीवन (Acting Life)


उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डांस से की थी। 1984 में उन्होंने फिल्म 'मूर्ख' से बॉलीवुड में कदम रखा। लेकिन यहां उन्होंने मुख्य भूमिका नहीं निभाई। फिर उन्हें फिल्म 'तेजब' के जरिए मुख्य भूमिका निभाने का मौका मिला। फिल्म एक बड़ी सफलता थी। इस फिल्म की वजह से उन्हें फिल्मफेयर इवेंट के लिए नॉमिनेट भी किया गया था। फिर वह सभी निर्देशकों के ध्यान में आई।


इसके बाद उनकी कई फिल्में रिलीज हुईं, जिनमें 'ट्रूदेव', 'परिंदा', 'राम लक्ष्मण' आदि प्रमुख हैं। इन फिल्मों में उनके साथ उस समय के बेहतरीन अभिनेता अनिल कपूर ने अभिनय किया। फिर 1990 में वह फिल्म 'दिल' में नजर आईं। यहां उनके अपोजिट एक्टर थे आमिर खान। इस फिल्म में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें उस वर्ष सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार दिया गया था। फिर उसने 'बेटा', 'खलनायक', 'हम आपके हैं कौन' जैसे किरदार निभाए। इस बीच 'हम आपके हैं कौन' ने जबरदस्त सफलता हासिल की। इसके बाद उन्होंने फिल्म 'दिल तो पागल है' में काम किया। यहां उन्होंने शाहरुख खान, अक्षय कुमार और करिश्मा कपूर के साथ अभिनय किया। लेकिन फिल्म इस तरह सफल नहीं हुई।


उसी वर्ष, कई और फ़िल्में रिलीज़ हुईं, जिनमें से कुछ 'दिवाना मुझसे नेही', 'जीवन एक संघर्ष', 'महा संग्राम' और 'जमाई राजा' थीं। उनमें से किसी को भी कोई विशेष सफलता नहीं मिली। वर्ष के अंत में, उन्होंने फिल्म 'कृष्ण कन्हैया' में अभिनय किया, जो एक विशेष सफलता थी। इस फिल्म में उनके अपोजिट अनिल कपूर थे। कुछ महीने बाद 'इज्जतदार' रिलीज हुई जिसे ज्यादा सफलता नहीं मिली। फिर 1992 में उन्होंने और अभिनेता अनिल कपूर ने अपनी अगली फिल्म 'बेटा' में एक साथ अभिनय किया। इस फिल्म में उनके बेहतरीन अभिनय के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार दिया गया। उसी वर्ष उनकी 'खेल', 'प्रेम दीवाना' रिलीज़ हुई जो एक बड़ी सफलता थी।


अगले वर्ष, उन्होंने फिल्म 'खलनायक' में अभिनय किया, जहाँ उन्होंने संजय दत्त और जैकी श्रॉफ के साथ मुख्य भूमिकाएँ निभाईं। इस फिल्म में वह एक अंडरकवर पुलिस एजेंट थी और उसका किरदार गंगा था। फिल्म एक बड़ी सफलता थी और इसे साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म का दर्जा दिया गया था।


फिर उनकी अगली फिल्म 'हम ऊपर के हैं कौन' रिलीज हुई। यह फिल्म इतनी सफल रही कि इसने मशहूर फिल्म 'शोले' का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इस फिल्म में उनके प्रदर्शन के लिए उन्हें अपने जीवन की तीसरी सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार दिया गया। फिर उनकी 'आरजू', 'पुकार', 'कोयला' जैसी फिल्में रिलीज हुईं। 2001 में उन्होंने फिल्म 'ये रास्ता है पर के' में काम किया था। यहां अपोजिट एक्टर अजय देव और प्रीति जिंटा ने काम किया है।


इसके बाद वह संजय लीला भंसाली द्वारा निर्देशित फिल्म 'देवदास' में नजर आई थीं। इस फिल्म में उनके साथ ऐश्वर्या राय और शाहरुख खान हैं। यह फिल्म कान्स फिल्म फेस्टिवल की शीर्ष दस फिल्मों में से एक थी। इस फिल्म में उनके अभिनय के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का पुरस्कार मिला। उसके बाद कई सालों तक वह किसी भी फिल्म में नजर नहीं आईं। 2007 तक उन्हें एक बार फिर फिल्मी दुनिया में 'आजा नचले' से देखा गया। फिल्म एक विशेष सफलता थी।


उसके बाद उन्हें 2014 में फिल्म 'डेढ़ इश्किया' में देखा गया। इसके बाद वह सौमिक सेन द्वारा निर्देशित फिल्म 'गुलाब गैंग' में दिखाई दीं। 2019 में वह 'टोटल धमाल' में वापस आ गईं। यहां वह अजय देवगन के अलावा थीं। इस फिल्म ने बहुत बड़ी सफलता हासिल की। फिर उनकी आखिरी रिलीज फिल्म 'कलंक' है। यहां वह कोरियोग्राफर के तौर पर नजर आ रही हैं। इस फिल्म में उनके अलावा संजय दत्त, वरुण धवन, आलिया भट, आदित्य रॉय कपूर, सोनाक्षी सिन्हा ने काम किया था।


उपलब्धियां और सम्मान (Achievements and Honors)


1993: इसी साल माधुरी दीक्षित को 'खलनायक' के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला।

1995: इस वर्ष उन्हें फिल्म 'हम आपके हैं कौन' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का दूसरा फ्लिमफेयर पुरस्कार मिला।

1998: इस साल उन्हें फिल्म 'दिल तो पागल है' के लिए तीसरी बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला।

2002: इस वर्ष उन्हें फिल्म 'लज्जा' के लिए सहायक भूमिका में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का जी सिने पुरस्कार मिला।

2003: इस वर्ष उन्होंने फिल्म 'देवदास' के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का स्क्रीन अवार्ड जीता।

2008: इस वर्ष उन्हें 'पद्म श्री' से सम्मानित किया गया।

2011: इस साल उन्हें फिल्मफेयर स्पेशल ज्यूरी अवॉर्ड मिला।

2012: इस साल उन्हें 'झलक दिख ला जा' टीवी शो के लिए बेस्ट नॉन फिक्शन जूरी अवॉर्ड का गोल्डन पेटल अवॉर्ड मिला।

2013: इस साल उन्हें 'झलक दिख ला जा' के लिए बेस्ट नॉन फिक्शन ज्यूरी अवॉर्ड का गोल्डन पेटल अवॉर्ड मिला।



निष्कर्ष (conclusion)


आखिर माधुरी दीक्षित ही नहीं जो एक कुशल अभिनेत्री थीं, वह एक कुशल नर्तकी भी थीं। अपने अभिनय कौशल से उन्होंने बहुतों का दिल जीता है। वह अपने समय की कई उच्च कोटि की अभिनेत्रियों में अद्वितीय हैं।

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